जहानाबाद, फरवरी 18 -- हुलासगंज, निज संवाददाता। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुधन को खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारी से बचाने के लिए चलाया गया टीकाकरण अभियान एक सराहनीय पहल है। हालांकि कुछ कारणों से इस अभियान का श्रीगणेश नहीं किया गया है। हुलासगंज पशु चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ सत्यप्रिये ने बताया कि इस अभियान के लिए मुकम्मल तैयारी हो चुकी है। 23 हजार पशुओं को टीका देने के लिए सभी नौ पंचायतों में नौ वैक्सीनेटर की प्रतिनियुक्ति कर ली गई है। केवल नीडल की अनुपलब्धता के कारण काम रूका हुआ है। उन्होंने बताया कि एफ एम डी काफी घातक वायरल बीमारी है जिसे पशुपालन विभाग द्वारा गांव-गांव जाकर पशुओं को टीका लगाने का उद्देश्य न केवल बीमारी पर नियंत्रण पाना है, बल्कि किसानों की आजीविका को सुरक्षित करना भी है। उन्होंने बताया कि खुरपका- मु...
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