पटना, जून 5 -- मुजफ्फरपुर की दलित रेप पीड़िता की बिना इलाज के मौत से पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) की बदनामी का नया दौर चल रहा है। पीएमसीएच में घंटों इंतजार और इलाज हाथ से निकलने के बाद भर्ती की गई 9 साल की बच्ची की मौत से विपक्षी आंदोलित हैं और इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को कोस रहे हैं। सड़क से राजभवन तक प्रदर्शन और मार्च चल रहा है। चार महीने बाद विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ये मामला अब ठंडा होता दिख नहीं रहा। दलितों के बड़े बड़े नेता चिराग पासवान और जीतनराम मांझी एनडीए में हैं। कांग्रेस ने जब दोनों की चुप्पी पर सवाल उठाया तो चिराग ने नीतीश को चिट्ठी लिखी है। सरकार ने मुजफ्फरपुर से लेकर पटना तक स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में कुछ ऐक्शन लिया है। यूट्यूबर एक्टिविस्ट मनीष कश्यप की पीएमसीएच में डॉक्टरो...
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