शाहजहांपुर, जनवरी 5 -- खिरनीबाग में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को कथा व्यास आचार्य गौड़ ने भगवान के अवतारों और उनके रहस्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान तक पहुंचने के लिए उम्र या अनुभव का महत्व नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति की आवश्यकता होती है। आचार्य ने कर्म, अहंकार और भक्ति के अंतर को समझाते हुए ध्रुव प्रसंग की महत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि भक्ति का स्वरूप प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में अलग-अलग प्रभाव डालता है और इसे अपनाना ही मोक्ष की ओर पहला कदम है। इस मौके पर अनिल गुप्ता, अक्षत गुप्ता सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का लाभ उठाया।

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