नई दिल्ली, अक्टूबर 14 -- सितंबर 2025 में, भारत की थोक महंगाई (WPI) घटकर 0.13% रह गई, जो अगस्त महीने में 0.52% थी। सरकार के अनुसार, सितंबर में मुद्रास्फीति पॉजिटिव बनी रहने की मुख्य वजह खाद्य उत्पादों, वस्त्रों और परिवहन उपकरणों जैसे कुछ उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी है। हालांकि, खाद्य वस्तुओं की थोक कीमतों में 1.99% की गिरावट दर्ज की गई।थोक महंगाई (WPI) क्या है? थोक महंगाई वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव को दर्शाती है, जो एक व्यापारी या दुकानदार को सीधे मिलती हैं, यानी जो कीमतें उत्पादन या बड़े व्यापार स्तर पर होती हैं। इसमें उत्पादन संबंधी वस्तुएं, जैसे कृषि उपज, कच्चे माल, और बड़ी मात्रा में सामान शामिल होते हैं। थोक मूल्य सूचकांक (WPI) से समझा जाता है कि उत्पादकों और थोक विक्रेताओं के स्तर पर कीमतें कैसे बदल रही हैं। दूसरी ओर खुदरा म...
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