कानपुर, दिसम्बर 5 -- किसानों को खाद बीज का संकट झेलने के बाद अब सिंचाई के लिए पानी का संकट उत्पन्न हो गया है। राजकीय नलकूपो के संचालन में मनमानी एवं नहर रजबहों में पानी न आने से किसान मुसीबत उठाने को मजबूर हैं। खाद, बीज की मार से झुलस चुका किसान अब खेतों की सिंचाई के लिए दर-दर भटक रहा हैं। खेतों में खड़ी फसल को बचाने के लिए किसान प्राइवेट नलकूप संचालकों की शरण लेकर पंपिंग सेटों से सिंचाई करने को मजबूर है, जिससे किसानों का आर्थिक शोषण होते हुए उन्हें जेब ढीली करनी पड़ रही है। निचली रामगंगा नहर विभाग के अधिकारियों की मनमानी के चलते नहर व रजबहों में अभी तक पानी न छोड़े जाने से किसान बुरी तरह परेशान है। इस समय जहां गेहूं की फसल की बुवाई हो चुकी है, उन्हें पलेवा लिए जिन किसानों ने बुआई पिछड़ गई है। उन्हें फसल बुआई के लिए खेतों की सिंचाई व खेतों मे...