सहरसा, जनवरी 13 -- सहरसा, नगर संवाददाता। खाद की कालाबाजारी एवं मनरेगा बदलाव के खिलाफ बिहार राज्य किसान सभा के आह्वान पर सोमवार को प्रतिरोध मार्च निकाल कर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आजादी के लगभग 79 वर्ष बाद भी देश के अन्नदाता किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार की कृषि नीति व आर्थिक नीति के कारण किसान खेती छोड़कर दूसरे काम को प्राथमिकता दे रहे हैं । कृषि संकट गहराती जा रही है। जो देश के विकास के लिए अत्यंत ही खतरनाक है। खाद की किल्लत एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने ,निर्धारित दर पर किसानों को खाद मुहैया कराने, सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीदारी सुनिश्चित करने, सभी प्रकार का कृषि ऋण माफ करने, फसल बीमा लागू करने, मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम करने की आड़ में उसे बंद...