नई दिल्ली, जनवरी 12 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि 'यदि किसी के खाते से अवैध तरीके से रुपये की निकासी की जाती है और इसमें खाता धारक की कोई गलती या लापरवाही नहीं है तो 10 दिन के भीतर निकाली गई रकम वापस करना बैंक जिम्मेदारी है।' शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 2017 में सर्कुलर के प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए यह फैसला दिया है। एनसीडीआरसी के अध्यक्ष जस्टिस एपी शाही और सदस्य भरतकुमार पांड्या की पीठ ने महिला खाता धारक के हक मे फैसला देते हुए राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एसडीआरसी) के फैसले के खिलाफ बैंक की अपील को खारिज कर दिया। हाल ही में पारित अपने फैसले में आयोग ने कहा है कि 'खाते से लेनदेन की प्रकृति और समय (शाम-7 बजे और रात के 12 से 1 बजे ...