सिमडेगा, अप्रैल 20 -- सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। आदिवासियों के विकास के नाम पर सरकारें बदल रही है, लेकिन आदिवासी बहुल सिमडेगा जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था खटिया में दम तोड़ रही है। जिस देश और राज्य में इलाज के नाम पर सरकार पांच लाख देने का दावा करती है वहां आदिवासियों को अस्पताल पहुंचने के लिए एंबुलेंस भी नसीब नहीं हो रहा है। बीमार होने पर मरीज को खटिया में या गोद में लेकर कई किमी पैदल चलना पड़ता है। खटिया में लेटा कराहता हुआ मरीज और कच्ची पथरीली पगडंडी पर खटिया को ढोकर जाते लोग यह तस्वीर सिमडेगा के लिए आम हो गई है जो लगातार शर्मसार भी कर रही है। वर्षो से मीडिया तस्वीर और खबर चलाकर सरकार की नकामी दिखा रही है लेकिन अब भी कुछ नहीं बदला है नतीता ढाक के तीन पात नजर आ रहा है। आदिवासी बहुल जिले में दर्जनों सुदुरवर्ती गांवों में खटिया ढो रहे लोग और...
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