नई दिल्ली, दिसम्बर 9 -- सर्दियों के मौसम में छाती में जकड़न और कफ जम जाना एक आम समस्या है जिसका सामना बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को करना पड़ता है। ठंडी हवा, स्मॉग, कम तापमान और कमजोर इम्यूनिटी के कारण बलगम गाढ़ा हो जाता है जिससे सांस लेने में परेशानी, भारीपन और लगातार खांसी होने लगती है। कई बार दवाइयां तुरंत राहत नहीं दे पातीं, ऐसे में आयुर्वेद में बताए गए घरेलू उपाय बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। पान के पत्ते ऐसे ही एक पारंपरिक उपाय हैं जिनका इस्तेमाल सदियों से सर्दी-खांसी और छाती की समस्याओं में किया जाता रहा है। इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एक्सपेक्टोरेंट गुण बलगम को ढीला करने में मदद करते हैं। पान के पत्ते शरीर में प्राकृतिक गर्माहट पैदा करते हैं जिससे छाती की जकड़न कम होती है और सांस लेना आसान हो जाता है। सही तरीके से और सीमित मात...