नई दिल्ली, नवम्बर 21 -- भारत में इलेक्ट्रिक कारें (EV) अभी भी पेट्रोल-डीजल मॉडलों की तुलना में नई हैं। हालांकि, लगातार इनकी डिमांड तेजी से बढ़ रही है। इन्हें खरीदने वालों की संख्या बढ़ने के साथ ही पुरानी इलेक्ट्रिक कारों का बाजार भी बड़ा हो रहा है। हालांकि, एक सच यह भी है कि इलेक्ट्रिक कारें रिसेल वैल्यू में काफी पीछे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, EVs अपनी वैल्यू पेट्रोल-डीजल कारों की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से खोती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह बैटरी की लाइफ और रिप्लेसमेंट कॉस्ट है।इन बातों का रखें ध्यान इलेक्ट्रिक वाहनों में तकनीक तेजी से बदल रही है। हर नया मॉडल ज्यादा रेंज और एडवांस फीचर्स के साथ आता है जिससे पुराने मॉडल जल्दी आउटडेटेड लगने लगते हैं। यही वजह है कि पुरानी EVs की कीमतें जल्दी गिरती हैं। ऐसे में यदि आप सेकेंड-हैंड इलेक्ट्रिक का...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.