लखीसराय, जनवरी 20 -- कजरा, एक संवाददाता। 14 जनवरी को सूर्य के धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो गया, लेकिन इसके बावजूद विवाह और अन्य बड़े मांगलिक कार्यों के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुक्र ग्रह के एक फरवरी तक अस्त रहने के कारण विवाह मुहूर्त तत्काल शुरू नहीं हो सके हैं। चार फरवरी से शुक्र के उदित होने के साथ ही शुभ मुहूर्त प्रारंभ होंगे और पांच फरवरी से एक बार फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। आचार्य अशोक पांडेय ने बताया कि हिंदू विवाह परंपरा में गुरु (बृहस्पति) और शुक्र ग्रह का उदित होना और शुभ स्थिति में होना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। इन दोनों ग्रहों में से यदि कोई एक भी अस्त अवस्था में हो, तो विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं बनता। वर्तमान में गुरु अनुकूल स्थिति में हैं, लेकिन शुक्र ...