सोनभद्र, दिसम्बर 5 -- ओबरा, हिदुस्तान संवाद। खान सुरक्षा निदेशालय के बिल्ली मारकुंडी की 37 खदानों को बंद करने का आदेश दिए जाने के बाद शुक्रवार को खनन क्षेत्र से बोल्डर नहीं मिलने से संचालित सभी क्रेशर प्लांटों का पहिया रुक गया है। क्रेशर बंद होने से गिट्टी न मिलने के कारण लोगों के घर मकान सहित सभी विकास कार्य भी रुक जाएंगे। वही क्रशर प्लांटों के ठप पड़ जाने से मजदूरों के सामने आर्थिक संकट की समस्या बढ़ गई है। बता दे कि खनन क्षेत्र में संचालित लगभग 300 से ज्यादा क्रशर प्लांट स्वीकृति की गई खदानों पर ही पूरी तरह निर्भर है। खदानों में खनन कार्य बंद हो जाने से क्रशर उद्योग को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में क्रशर मालिकों को भारी वित्तीय घाटे का सामना करने से इनकार नहीं किया जा सकता। क्रशर संचालकों की माने तो क्रशर मशीन नहीं चलने...