धनबाद, जनवरी 24 -- धनबाद, विशेष संवाददाता कोयला खदानें ऊर्जा के अहम स्रोत के साथ-साथ स्थानीय लोगों के रोजी-रोजगार के लिए भी अहम है। कोयला खनन के बाद खदानों की बंदी अब वैज्ञानिक पद्धति के साथ-साथ लोगों की राय से होगी। इसको लेकर कोयला मंत्रालय वैश्विक स्तर की माइन क्लोजर नीति को अपनाने जा रहा है। खनन क्षेत्र के हर जिले में माइंस क्लोजर एडवाइजरी कमेटी गठित करने के लिए खनन विभाग को पत्र लिखा गया है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को धनबाद डीसी की अध्यक्षता में माइंस क्लोजर एडवाइजरी कमेटी के गठन के पूर्व स्टेक होल्डर के साथ बैठक की गई। माइंस क्लोजर एडवाइजरी कमेटी के गठन से पूर्व कमेटी के सदस्यों के चयन के लिए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) कोलियरी डिवीजन चासनाला, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, टाटा स्टील लिमिट...
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