लोहरदगा, नवम्बर 16 -- लोहरदगा, संवाददाता। लोहरदगा जिले के निजी स्कूलों के ज्यादातर आटो और वैन खटारा हालत में हैं। बावजूद इनमें बच्चों को क्षतमा से अधिक संख्या में लादकर चलाया जा रहा है। आटो में तो बच्चे दाएं-बाएं, पीछे पांव बाहर लटकाकर बैठे नजर आते हैं। जो बड़ा जोखिम है। ट्रैफिक नियमों के खिलाफ है। स्कूल की गाड़ियों को अधिक धुआं उगलते देखा जाता है। पिछले साल डीटीओ ने जिले के चार स्कूलों के वाहनों की जांच की थी। इस साल किस्को के एक प्राइवेट स्कूल पर कार्रवाई हुई। मगर इससे कोई सुधार नहीं हुआ। फिलवक्त निजी स्कूलों में चलने वाली अधिकांश आटो और वैन या तो अपनी अधिकतम समय सीमा पूर्ण कर चुके हैं और नियमत जांच नहीं होने की वजह के बिना रजिस्ट्रेशन के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ओवरलोड की वजह से दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। अभिभावको...
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