भागलपुर, मार्च 9 -- खगड़िया, हिन्दुस्तान संवाददाता गुरु बिना मानव जीवन में ज्ञान व गति नहीं होता है। गुरु का हमेशा सम्मान करना चाहिए। यह बातें अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर ने रविवार को शहर के संसारपुर मैदान में आयोजित महासत्संग में कहीं। उन्होंने कहा कि आपका शरीर ईश्वर से मिला अद्भुत उपहार है। इसे निरोग रखना मनुष्य का दायित्व है। धरती मां को प्रणाम करें। यही धरती मां हमें जीने के लिए अन्न देती है। मनुष्य को पालती-पोसती है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है। जल बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। हमारे होने का कारण सूर्य है। सूर्य नहीं तो दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक गुरु ने कहा सभी अवगुणों को ईश्वर को समर्पित करें। मन को काम, क्रोध, ईर्ष्या व द्वेष से मुक्त रखें। इस मौके पर खगड़िया सांसद...
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