मुंगेर, जनवरी 7 -- मुंगेर,हिन्दुस्तान प्रनिनिधि। पछुआ हवा के साथ बढ़ी कनकनी ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है। साधन-संपन्न लोग जहां अपने घरों में हीटर और गर्म कपड़ों के बीच सुरक्षित हैं, वहीं झुग्गी झोपड़ियों और खुले आसमान के नीचे रहने वाले गरीबों के लिए सर्द रातें जीवन की जंग बन गई है। कड़ाके की ठंड से उनके लिए रोजमर्रा की जिंदगी बेहद कठिन हो गई है। न केवल रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही है, बल्कि बच्चों, बुजुर्गो और मजदूरों के जीवन पर यह सीधा असर डाल रही है। झुग्गियों में ठंड से जूझती जिदंगी: शहर के बीचोंबीच किला के पास सटे करीब सौ झुग्गी-झोपड़ियों वाले मुशहरी में रह रहे लोगों की जिंदगी कड़ाके की ठंड में जैसे-तैसे कट रही है। फटे पुराने चादर और कंबल ठंड से बचने का सहारा है। मंगलवार की दोपहर मुशहरी जाने पर कहीं महिला, पुरूष एवं बच्चे ठंड से ...
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