श्रीनगर, दिसम्बर 2 -- क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए अपेक्षित वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार दिए जाने, सदस्यों को हिमाचल प्रदेश के तर्ज पर 9 हजार रुपये का मानदेय सहित अन्य मांगों को लेकर क्षेत्र पंचायत संगठन कीर्तिनगर ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी से वार्ता की। क्षेपं सदस्यों ने ज्ञापन प्रेषित करते हुए जल्द मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही की मांग की। उपजिलाधिकारी कीर्तिनगर को सौंपे ज्ञापन में कनिष्ठ प्रमुख प्रियंका जायड़ा, क्षेत्र पंचायत सदस्य रानीहाट मनोज कुमार जोशी ने कहा कि सरकार क्षेत्र पंचायतों के प्रति उदासीन रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के 73वें संशोधन (1992) में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को वरीयता और संवैधानिक आधार प्रदान किया गया था, जिसमें क्षेत्र पंचायतों को एक महत्वपूर्ण कड़ी माना गया था, जबकि उत्तराखंड पंचाय...