गौरीगंज, दिसम्बर 3 -- भेटुआ। महाराज दशरथ इंटर कॉलेज गैरिकपुर में मुंबई से आए साहित्यकार और दार्शनिक डॉ. रमाकांत क्षितिज ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने बच्चों को तनाव से दूर रहने, तुलना न करने और अपने भीतर के श्रेष्ठ को पहचानने की सलाह दी। डॉ. क्षितिज ने ध्यान और मौन को जीवन में अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि विचारक, संत और दार्शनिक भी जीवन के आदर्श हो सकते हैं। उन्होंने किशोरावस्था को जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा कि इसी उम्र में जीवन की दिशा तय होती है। इस दौरान उन्होंने बच्चों को कुछ देर ध्यान और मौन का अनुभव भी कराया गया। प्राचार्य आशुतोष सिंह, ज्योति सिंह सहित शिक्षकों ने डॉ. क्षितिज का सम्मान कर आभार व्यक्त किया।

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