लखनऊ, नवम्बर 21 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के संविदा कर्मचारी 22 साल की सेवाओं के बाद भी असुरक्षा, अनदेखी और ठोस नीति के इंतजार में हैं। प्रदेश के हजारों कर्मचारी कहते हैं कि मैदान में धूप, बारिश, गांवों की पगडंडियों और महामारी के बीच मरीजों तक दवा पहुंचाने से लेकर केस फाइंडिंग, उपचार मॉनिटरिंग, दवा उपलब्धता, माइक्रो-प्लानिंग और डेटा अपडेट सबसे कठिन काम उन्होंने ही संभाला। इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर पगार नहीं मिल रही है। उत्तर प्रदेश क्षय रोग वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष करुणा शंकर मिश्र बताते हैं कि दो दशक से सेवाओं के बावजूद वेतन संबंधी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

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