शामली, जनवरी 9 -- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा क्रेशर और गन्ना चरखी को लेकर जारी किए गए नए आदेश पर आर्य जाट महासभा शामली ने कड़ा विरोध जताया है। महासभा ने इस आदेश को किसान विरोधी बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की है। आर्य जाट महासभा की बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबूराम पंवार ने कहा कि सरकार ने चीनी मिलों के 15 किलोमीटर के दायरे में क्रेशर व खंडसारी इकाइयां लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे गन्ना किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम किसान अपनी आर्थिक जरूरतों, पशुओं के चारे और अन्य खर्चों के लिए क्रेशर पर गन्ना डालकर नकद भुगतान प्राप्त कर लेते थे, लेकिन नए आदेश से यह सुविधा समाप्त हो जाएगी। महासभा ने आशंका जताई कि इससे किसान मिल मालिकों की मनमानी पर निर्भर हो जाएंगे और समय पर भुगतान न मिलने से गन्ना खेती से उन...