नई दिल्ली, जनवरी 15 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के क्रेडिट कार्ड ब्याज दरों को सीमित करने के प्रस्ताव ने अमेरिका के बैंकिंग सेक्टर में तीखी हलचल पैदा कर दी है। उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से लिए गए इस कदम के खिलाफ देश के बड़े बैंकों के सीईओ खुलकर मैदान में उतर आए हैं। उनका कहना है कि यह फैसला न केवल बैंकिंग उद्योग बल्कि पूरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।ट्रंप का फरमान और बदला रुख ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे क्रेडिट कार्ड ब्याज दरों पर एक साल के लिए 10 प्रतिशत की सीमा लागू करना चाहते हैं। मध्यावधि चुनावों से पहले 'किफायती लागत' को बड़ा मुद्दा बनाते हुए राष्ट्रपति उपभोक्ताओं को राहत देने का दावा कर रहे हैं। हालांकि बैंकिंग सेक्टर का मानना है कि यह फैसला बाजार आधारित व्यवस्था के खिलाफ है और इससे वित...