भागलपुर, नवम्बर 15 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। अब तक कुपोषण के शिकार बच्चों को ही टीबी की बीमारी होने की बात कही जा रही थी। लेकिन हाल के सालों में टीबी की बीमारी आधी आबादी यानी किशोरियों से लेकर शादीशुदा महिलाओं में भी पाई जा रही है। बड़ी बात ये कि मध्यम वर्ग, उच्च मध्य वर्ग से लेकर उच्च वर्ग से ताल्लुक रखने वाली ये महिलाएं या किशोरियां कुपोषण के कारण नहीं, बल्कि जीरो फिगर के चक्कर में हो रही हैं। अपने आप को स्लिम दिखाने की चाह में किशोरियां और महिलाएं क्रश डाइटिंग कर रही हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटवाकर खुद को टीबी का शिकार बना रही हैं। आंकड़े बताते हैं कि संपन्न घरों में रहने वाली आधी आबादी के टीबी के शिकार होने की रफ्तार बीते पांच सालों में दोगुनी हुई है। जिले में हर माह औसतन 200 से 250 टीबी के नये मामले जांच में पाए जा रहे ह...