मुजफ्फरपुर, नवम्बर 18 -- मुजफ्फरपुर। नियमों की बंदिश, जानकारी का अभाव और अफसरों की मनमानी के कारण जिले के किसान धान के सरकारी क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि एक तो बेमौसम बारिश से आई बाढ़ ने खड़ी फसल को तबाह कर दिया। दूसरा धान में नमी सहित कई कारण बताकर उन्हें सरकारी क्रय केंद्रों से लौटाया भी जा रहा है। ऐसे में बिचौलिये इसका फायदा उठा रहे हैं। स्थिति यह बन गई है कि जिले की 253 प्राथमिक कृषि साख सहयोग समितियों (पैक्स) और आठ व्यापार मंडलों के जरिये शुरू सरकारी दर पर धान खरीद की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। किसान धान क्रय केंद्रों तक पहुंच ही नहीं रहे हैं, जिससे इन दिनों वहां सन्नाटा पसरा रहता है। किसानों का कहना है कि अधिकारी सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए प्रचार-प्रसार कर जागरूक करें तो वे सरकारी क्रय केंद्रों ...
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