लखनऊ, मई 3 -- पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में चल रहे बिजली कर्मचारियों के क्रमिक अनशन के दूसरे दिन शनिवार को पंडाल की बत्ती काट दी गई। विद्युत कर्मचरी संयुक्त संघर्ष समिति ने क्रमिक अनशन पर बैठे कर्मचारियों के लिए शक्ति भवन के दरवाजे बंद करके पानी और शौचालय की सुविधा भी बंद करने का आरोप लगाया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन कर्मचारियों के लिए अब दमनकारी कार्रवाई पर उतारू हो गया है। बत्ती काट दी गई। कर्मचारी चिलचिलाती धूप में बैठने को मजबूर रहे। शौचालय और पानी की सुविधा भी बंद कर दी गई। क्रमिक अनशन पर बैठे बिजलीकर्मियों की वीडियोग्राफी कराकर उन्हें डराने धमकाने की कोशिश की जा रही है। बड़े पैमाने पर संविदा कर्मचारियों को निकाला जा रहा है और फेशियल अ...
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