नई दिल्ली, जनवरी 1 -- हर साल 1 जनवरी को हम एक नई शुरुआत का वादा खुद से करते हैं। मन में जोश होता है, उम्मीद होती है और एक लंबी लिस्ट होती है कि इस साल सब कुछ बदल देंगे। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कुछ ही दिनों या हफ्तों में यही रिजॉल्यूशन थकान, बेचैनी और एंग्जायटी का कारण बनने लगते हैं। सवाल यह नहीं है कि हम रिजॉल्यूशन क्यों बनाते हैं, सवाल यह है कि वे हमें सपोर्ट करने की जगह तनाव क्यों देने लगते हैं। अपने इस सवाल का जवाब लेने के लिए हमने बात की गेटवे ऑफ हीलिंग की संस्थापक और मनोचिकित्सक, डॉ. चांदनी तुगनाइट से, जिन्होंने बताया कि नए साल पर लिए गए रिजॉल्यूशन कुछ समय बाद व्यक्ति को बेचैन क्यों करने लगते हैं।5 कारण, जो रिजॉल्यूशन को तनाव में बदल देते हैं जब बदलाव उत्साह नहीं, बोझ बन जाए- अक्सर रिजॉल्यूशन एक तरह का मानसिक बोझ लेकर आते हैं। ह...
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