नई दिल्ली, फरवरी 24 -- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही इसके पर्यावरण पर पड़ रहे नकारात्मक असर को लेकर भी सवाल तेज हो गए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हुआ कि हर बार जब कोई यूजर ChatGPT से एक सवाल पूछता है, तो करीब 17 गैलन पानी बर्बाद होता है। इसने लोगों के बीच चिंता पैदा कर दी, क्योंकि डाटा सेंटर्स में कूलिंग के लिए पानी की खपत पहले से ही एक बड़ा मुद्दा रही है। हालांकि, OpenAI फाउंडर सैम आल्टमैन ने इस दावे को झूठा बताते हुए इसे 'पूरी तरह पागलपन' बताया है। OpenAI के CEO सैम ने India AI Impact Summit 2026 के दौरान इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर फैल रही यह बात कि 'ChatGPT की हर क्वेरी पर 17 गैलन पानी खर्च होता है', पूरी तरह गलत है और इसका सच्चाई से कोई संबंध नहीं है। उन्हों...