इंदौर, अक्टूबर 22 -- इंदौर के गौतमपुरा में हर साल दीवाली के दूसरे दिन होने वाला 'हिंगोट युद्ध' इस बार भी चर्चा में रहा। मंगलवार शाम को इस अनोखी परंपरा में 35 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह परंपरा न केवल रोमांचक है, बल्कि 200 साल पुरानी ऐतिहासिक जड़ों से भी जुड़ी है।क्या है हिंगोट युद्ध? गौतमपुरा और पड़ोसी गांव रुंजी के 'योद्धा' हर साल दीवाली के मौके पर इस अनोखे युद्ध में हिस्सा लेते हैं। इसमें हिंगोट नामक जंगली फल को खोखला कर, उसे बारूद से भरकर रॉकेट जैसे पटाखों में बदला जाता है। फिर दोनों गांवों के 'तुर्रा' और 'कलंगी' समूह आमने-सामने खड़े होकर एक-दूसरे पर ये जलते हुए हिंगोट फेंकते हैं। भीड़ अपने-अपने पक्ष के लिए जोर-शोर से हौसला बढ़ाती है, जिससे माहौल और भी रोमांचक हो जाता है।इस बार कई लोग हुए घायल ब्लॉक मे...
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