संवाददाता, मई 21 -- यूपी की कौशांबी जेल से आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे 103 साल के कैदी की रिहाई हो गई है। बुजुर्ग लखन को, हत्या के मामले में सजा हुई थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर वृद्ध को जेल से रिहा किया गया। जेल प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित घर तक पहुंचाया। लखन घर पहुंचे तो उनकी और परिवारवाले दोनों की आंखों में आंसू आ गए। परिवार के कई सदस्यों को वह जानते ही नहीं थे। सबसे परिचय हुआ। कुछ घंटे बाद लखन गांव में निकले। उनकी यादों में 48 साल पहले का गांव था लेकिन इतने सालों में गांव में पहले जैसा कुछ-कुछ ही बसा है। लखन के संगी-साथियों में तो कोई बचा ही नहीं। पुरानी यादों और आज के गांव से अपनी पहचान वालों को नदारद पा लखन के चेहरे पर मायूसी छा गई। कौशाम्बी थाना क्षेत्र के लखन पुत्र मंगली ने वर्ष 1977 में गांव के ही एक व्यक्ति की हत्या ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.