नई दिल्ली, फरवरी 25 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (CPM) ने नरेंद्र मोदी सरकार को "फासीवादी" या "नव-फासीवादी" मानने से इनकार किया है। पार्टी के इस बदले हुए रुख से विपक्षी दलों में खलबली मच गई है। कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सीपीएम का यह रुख पार्टी के 24वें महाधिवेशन से पहले तैयार किए गए राजनीतिक प्रस्ताव के मसौदे में सामने आया है। इस मसौदे को राज्य इकाइयों को भेजा गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्टैंड पार्टी की पिछली स्थिति से अलग माना जा रहा है, जब सीपीएम भाजपा और आरएसएस पर "फासीवादी एजेंडा" लागू करने का आरोप लगाती रही। पूर्व महासचिव सीताराम येचुरी ने कई बार मोदी सरकार की तुलना फासीवाद से की थी। हालांकि, सीपीएम ने अपने रुख का बचाव किया है, लेकिन सीपीआई ने इसे सुधारने...
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