नई दिल्ली, जनवरी 29 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने पारिवारिक पेंशन को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के मृतक कर्मचारी की निःसंतान विधवा पुनर्विवाह के बाद भी पारिवारिक पेंशन की हकदार है, बशर्ते कि उसके पास स्वतंत्र आय का कोई स्रोत न हो। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, हाई कोर्ट जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और अमित महाजन की पीठ ने कहा कि यह प्रावधान न तो मनमाना है और न ही भेदभावपूर्ण। बल्कि, यह विधवाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और उनके पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाई गई एक स्पष्ट सामाजिक कल्याण नीति को दर्शाता है। कोर्ट ने केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1972 के नियम 54 और 2 सितंबर 2009 के कार्यालय ज्ञापन की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा।सीआरपीएफ जवान से जुड़ा मामला यह मामला...
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