नई दिल्ली, फरवरी 13 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संविधान पीठ ने गुरुवार को उस संवैधानिक सवाल पर सुनवाई शुरू कर दी है कि 'क्या अदालतें मध्यस्थता से जुड़े फैसले में बदलाव कर सकती है? संविधान पीठ ने मामले की सुनवाई शुरु करते हुए 'यह साफ कर दिया है कि वह मध्यस्थता अधिनियम में संशोधन के लिए 2024 में प्रस्तावित मसौदा के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेगी। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बीआर गवई, संजय कुमार, केवी विश्वनाथन और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की 5 सदस्यीय संविधान पीठ ने मामले की सुनवाई की शुरुआत करते हुए कहा कि 'मध्यस्थता आवार्ड में संशोधन की शक्तियों के बड़े व संवैधानिक सवाल की जांच करते समय 3 प्रमुख सवालों की भी सभीक्षा करेगी। जिनमें पहला सवाल यह कि किसी आवार्ड में संशोधन के क्या मायने है? दूसरा यदि हम आंशि...
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