मधेपुरा, दिसम्बर 2 -- ग्वालपाड़ा, निज प्रतिनिधि।धान की सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों में मायूसी छायी हुई है। खुले मंडी में धान का भाव सुनकर लोगों का चेहरा मुरझा जाता है। किसान किसी कीमत पर फसलों को मंडी के हवाले नहीं करना चाहते हैं। अगर धान बेचने में देरी की तो रबी खेती के लिए खाद, बीज का जुगाड़ मुश्किल हो जाएगा। लाचार होकर किसान औने-पौने भाव में फसलों को बेचने पर मजबूर हैं। डेफरा के रामचंद्र यादव, सुखासन के चंद्रशेखर प्रसाद, बिशनपुर अरार के नारद यादव, झंझरी के किसान बिनोद यादव, मो. कियाम ने बताया कि खुले बाजार में धान 1200 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है। जबकि पिछले साल वही धान 1800 रुपए क्विंटल के दाम में बड़ी आसानी से बिक जाता था। फिलहाल बाजार में जो भाव मिल रहा है, उससे लागत खर्च निकाल पाना मुश्किल है। व्यापारी चक्रवात...
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