संवाददाता, मई 24 -- राजा लोकंदर, आंदोलन, अदालत और जमानत। यदि कोई शख्स अपना और अपने बच्चों के लिए ऐसे नामों का चुनाव करे तो इसमें कोई खास बात नहीं। हर किसी को अपनी पसंद से अपना या अपनी संतानों का नाम रखने का अधिकार है। लेकिन इन सबमें पहले नाम राजा लोकंदर की जिंदगी की कहानी कुछ ऐसी है जिसे सुनकर कोई भी दंग रह जाएगा। यह कहानी अजीब, डरावनी और हैरान कर देने वाली है। बाकी तीन नाम यानी आंदोलन, अदालत और जमानत उसकी बेटी और दो बेटोंं के हैं जो राजा लोकंदर ने ही उन्हें दिए थे। प्रयागराज के शंकरगढ़ के हिनौती गांव का कोलंदर सीओडी छिवकी में चतुर्थ श्रेणी कर्मी था। उसकी हरकतों से उसे सस्पेंड कर दिया गया था। 2000 में पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या में उसका नाम आया था जिसमें उसे 2012 में उम्रकैद हुई थी। पता चला कि वह 14 कत्ल में शामिल है। यही नहीं इस सनकी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.