नई दिल्ली, दिसम्बर 7 -- एक विशेष अदालत ने रिटायर आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा को मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के एक मामले में शनिवार को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। उन पर 50,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला 2003 से 2006 के दौरान कच्छ के जिला कलेक्टर के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान रियायती दरों पर सरकारी भूमि के आवंटन से जुड़ा है। विशेष PMLA जज केएम सोजित्रा ने प्रदीप शर्मा को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 और 4 के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांच के दौरान जब्त की गई संपत्तियां केंद्र सरकार द्वारा जब्त रहेंगी। ईडी ने आरोप लगाया था कि प्रदीप शर्मा ने मानदंडों का उल्लंघन करते हुए वेल्सपन इंडिया लिमिटेड (Welspun India Limited) को रियायती दरों पर सरकारी भूमि का एक बड़ा हिस्सा स्वीकृत क...
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