नई दिल्ली, जनवरी 29 -- महाराष्ट्र की राजनीति में बीते काफी समय से संतुलन की धुरी माने जाने वाले एनसीपी नेता अजित पवार के आकस्मिक निधन ने न केवल एनसीपी के भीतर बल्कि राज्य की राजनीति के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य में सत्तारूढ़ महायुति के अभिन्न अंग एनसीपी आगे भी साथ में रहेगी। भाजपा ने संकेत दिए हैं कि उपमुख्यमंत्री पद एनसीपी के पास ही रहेगा। बीते 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा, शिवसेना शिंदे एवं एनसीपी (अजित पवार) की महायुति ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए 288 सीटों में से 230 सीटें जीती थी। इनमें भाजपा ने 132, शिवसेना ने 57 एवं एनसीपी ने 41 सीटें हासिल की थी। हाल में निकाय चुनावों में एनसीपी को बड़ा झटका लगा था। दोनों गुटों अजित पवार व शरद पवार को मिलाकर भी परिणाम उत्साहजनक नहीं रहा। इसके बाद दोनों गुटों में एकता की चर्चा भी चली...