नवादा, मार्च 23 -- शिवशंकर सिंह, कौआकोल। कौआकोल प्रखंड के महुड़र पंचायत के रजबड़िया गांव में कोई भी विद्यालय नहीं है। जिसके कारण बच्चों को पढ़ाई करने के लिए दूर के दूसरे गांवों में जाना पड़ता है या फिर बच्चे अनपढ़ ही रह जाते हैं। छोटे छोटे बच्चों को दूर के दूसरे गांवों स्थित विद्यालयों में भेजना अभिभावकों के लिए काफी कष्टकर है। चुंकि जंगल के बीचो-बीच में बसा हुआ इस गांव से आसपास के गांवों की दूरी लगभग तीन से चार किलोमीटर है। गांव से उन गांवों तक जाने आने के लिए न तो को सुगम रास्ता है और न ही संसाधन। बच्चों को उस घने जंगलों को चीरते हुए पैदल चलकर विद्यालय जाना होता है। कई जगहों पर तो नदी तथा जंगली नालों पर पुल भी नहीं है। गर्मी के दिनों में तो किसी तरह बच्चे चले जाते हैं पर बरसात के दिनों में विद्यालय जाना उनके लिए बड़ा मुश्किल भरा काम हो ...
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