नवादा, फरवरी 9 -- कौआकोल, शिवशंकर सिंह स्वाधीनता के 77 साल बीत जाने के बाद भी कौआकोल प्रखंड की महुडर पंचायत के करमाटांड़ गांव के लोग बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। जंगल एवं पहाड़ की गोद में बसे महुडर पंचायत के करमाटांड़ गांव प्रखंड मुख्यालय कौआकोल से करीब 32 किलोमीटर दूर है। इस गांव में घटवार (राय) जाति के लगभग चार सौ लोग निवास करते हैं। इनके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पक्की सड़क आज भी एक सपना है। लोग कच्चे रास्ते एवं पगडंडी पर चलकर आवागमन करते हैं। सूखे मौसम में तो किसी प्रकार काम चल जाता है। मगर बारिश के दिनों में कच्चे रास्ते और पगडंडी पर चलना दुष्कर होता है। ऊपर से जंगल और पहाड़ को लांघकर बाजार अथवा कहीं और जाना खतरा भरा काम होता है। सबसे बड़ी समस्या तो उस वक्त उत्पन्न होती है जब किसी बीमार व्यक्ति अथवा गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने...
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