सहरसा, अप्रैल 25 -- सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। कोसी नदी और तटबंधो की विभाग द्वारा कई बार सर्वे कराया जा चुका है। कोसी नदी में शिल्ट कहां कहां अत्यधिक जमा होती है और पानी का अत्यधिक बहाव की किस धारा से होती है पर एक रिजिम प्लान तैयार करने के महाराष्ट्र पुणे की विशेषज्ञ टीम द्वारा लगातार पांच वर्षों तक टोपोग्राफिकल सर्वे कराया गया। फिर पिछले वर्ष पश्चिमी कोसी तटबंध के टूटने के बाद भी स्थानीय अभियंताओं द्वारा तटबंध का सर्वे कराया गया। कोसी इलाके के लोगों का कहना है कि कई सर्वे के बाद भी कोसी के लिए ठोस योजना नहीं बनाई गई है। जबकि बाढ़ से बचाव के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च की जा रही है। इस वर्ष भी जिले के चंद्रायण व कोपरिया डिवीजन तहत पूर्वी कोसी तटबंध के बचाव के लिए विभिन्न स्परो सहित अन्य कार्यों पर लगभग 11 करोड़ राशि खर्च की जा रही ...
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