झांसी, नवम्बर 26 -- स्वास्थ्य विभाग एवं इसके हुक्मरान चाहे कुछ भी दावा कर लें, पर सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत काफी कड़वी है। जिला के गुरसरांय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को ही देख लीजिए। यहां पर लोग ऑक्सीजन के लिए तरस रहे हैं तो उधर कोविड के दौरान मंगवाए गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सीएचसी में धूल फांक रहे हैं। गरौठा में करीब 27 दिन पहले आक्सीजन न मिलने से एक व्यक्ति को जान से हांथ धोना पड़ा। इसका जमकर विरोध भी हुआ। दूसरा मामला भी हाल ही में सामने आया जब एक मरीज के परिजनों ने हंगामा किया तो ढूंडढांडकर उसे आक्सीजन तो मुहैया कराई गई पर उसमें आक्सीजन थी की नहीं यह किसी को नहीं पता था। ईलाज के दौरान उसने ने भी दम तोड दिया। विरोध के बाद भी सीएचसी सेंटर में इन सिलेंडरों को शोपीस के तौर पर रखा गया है। लोगों का कहना है कि अधिंका...