वाराणसी, दिसम्बर 14 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। आईआईटी बीएचयू में चल रही 10वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बायोप्रोसेसिंग इंडिया (BPI-2025) में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के जीन वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने कोविड महामारी पर उनके द्वारा किये गए विभिन्न शोधों को बताया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी महामारी मानव इतिहास में कोई नई घटना नहीं है। लगभग 25 हजार वर्ष पहले पूर्वी एशिया (मुख्य रूप से चीन क्षेत्र) में सार्स-कोव-2 जैसे कोरोना वायरस का संक्रमण फैला था, जिसके कारण वहां के लोगों में वायरस के खिलाफ नेचुरल सिलेक्शन के जेनेटिक प्रमाण आज भी मिलते हैं। प्रो.चौबे ने वायरस के विभिन्न वैरिएंट्स के उदय को म्यूटेशनल डायनामिक्स से जोड़ते हुए समझाया। 5 लाख से अधिक वायरस जीनोम के विश्लेषण के आधार पर उन्होंने कहा कि प्यूरिफाइंग सिलेक्शन ने वायरस को अ...