नई दिल्ली, जनवरी 14 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि कोविड-19 पीड़ित व्यक्ति की मौत के बाद दायर मुआवजे की अर्जी केवल इस आधार पर खारिज नहीं कर सकते कि आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने अहिल्यानगर जिला कलेक्टर को निर्देश दिया कि वे उस व्यक्ति के दावे पर कार्यवाही करें, जिसने महामारी के दौरान अपनी स्वास्थ्यकर्मी पत्नी को खो दिया था, ताकि उसे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 50 लाख रुपये की बीमा राशि प्राप्त हो सके। न्यायमूर्ति अरुण पेडनेकर और वैशाली जाधव की पीठ ने हाल ही में पारित आदेश में कहा कि कलेक्टर का पूर्व का निर्णय स्वीकार नहीं किया जा सकता। कलेक्टर ने पीड़ित मचिंद्र गायकवाड़ द्वारा पत्नी की कोविड-19 पॉजिटिव होने वाली आरटीपीसीआर रिपोर्ट प्रस्तुत न कर पाने के आधार पर मुआवजे के लिए उसक...
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