धनबाद, अगस्त 6 -- धनबाद, विशेष संवाददाता जून-जुलाई में कोल कंपनियां उत्पादन और डिस्पैच को लेकर बैकफुट पर रहीं। इन दो महीनों में कोयला उत्पादन में काफी कमी का देखने को मिली। वैसे अगस्त महीने की शुरुआत भी धीमी है। यदि अगस्त में भी मॉनसून ने राहत नहीं दी तो कोल कंपनियों को झटका लग सकता है। फिलहाल चार अगस्त तक के आंकड़े उत्साहजनक नहीं हैं। झारखंड स्थित कोयला कंपनियों में उत्पादन में गिरावट का ही रुख दर्ज किया जा रहा है। कोल इंडिया लिमिटेड का जुलाई 2025 में समेकित उत्पादन 46.4 मिलियन टन (एमटी) रहा, जो पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 15.6% की गिरावट है और उठाव 11.3% घटकर 53.7 मिलियन टन रह गया। इसी प्रकार एमसीएल, एनसीएल और एसईसीएल जैसी अनुषंगी कंपनियों के उत्पादन में क्रमशः 12.8%, 10.4% और 10.9% की गिरावट दर्ज की गई। सीसीएल और बीसीसीएल में ...
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