जमशेदपुर, फरवरी 20 -- कोल्हान प्रमंडल डायन बिसाही जैसे खौफनाक अंधविश्वास से अबतक पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाया है। पश्चिम सिंहभूम (चाईबासा), सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में पांच वर्ष में 87 महिलाओं की हत्या केवल डायन के संदेह में कर दी गई। यह आंकड़ा सभ्य समाज के माथे पर कलंक की तरह है। आंकड़ों पर गौर करें तो पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) इस मामले में सबसे संवेदनशील जिला बना हुआ है। यहां हर साल औसतन 8 से 10 महिलाओं को भीड़ तंत्र या आपसी रंजिश के कारण डायन के नाम पर मौत के घाट उतार दिया जाता है। अक्सर बीमारी, फसल खराब होना या परिवार में किसी की मृत्यु का दोष गांव की किसी असहाय या बुजुर्ग महिला पर मढ़ दिया जाता है, जिसके बाद प्रताड़ित कर हत्या कर दी जाती है। झारखंड में डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001 लागू है, जिसके तहत डायन करार देना या प्...