गिरडीह, मई 15 -- बगोदर, प्रतिनिधि। हिन्दुस्तान में छपी खबर का असर देखने को मिला है। खराब पड़े चापानलो की मरम्मती कर ली गई है। मरम्मती के बाद चापानलो से पानी निकलने लगी है। चापानलो की मरम्मती होने से ग्रामीणों में इस बात को लेकर खुशी है कि पानी के लिए अब उन्हें परेशान होना नहीं पड़ेगा। दरअसल बगोदर मुख्यालय से ढ़ाई किमी की दूरी में कोल्हरिया गांव बसा हुआ है। यह 45 घरों की बस्ती है। यहां एक आदिवासी टोला भी है। इस टोले के ग्रामीणों को इस भीषण गर्मी में पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा था। चापानलो के खराब रहने से कुछ ग्रामीणों को पानी के लिए चुआं पर निर्भर रहना पड़ रहा था। इस मामले को दैनिक हिन्दुस्तान ने 15 मई के संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए अधिकारियों का इस ओर ध्यानाकृष्ट कराया था। मामले को बीडीओ निशा कुमारी ने गंभीरता से लेते हु...
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