नई दिल्ली, अगस्त 28 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय एस. ओका ने कहा कि कोलेजियम में किसी भी असहमति पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने शीर्ष अदालत की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना की कड़ी आपत्ति और असहमति के बाद पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली की सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नति को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की है। जस्टिस ओका, उड़ीसा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर द्वारा संपादित पुस्तक '(इन)कंप्लीट जस्टिस? द सुप्रीम कोर्ट एट 75 के विमोचन के अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह के सवालों के जवाब दे रहे थे। वरिष्ठ अधिवक्ता जयसिंह ने जस्टिस नागरत्ना के असहमति का जिक्र करते हुए न्यायमूर्ति मुरलीधर और न्यायमूर्ति ओका तथा राजनीतिशास्त्...