प्रयागराज, मई 29 -- प्रयागराज। ये फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता, लेकिन असल जिंदगी में यह घटना हुई। ढाई साल से जिन जिंदा लोगों को समाज कल्याण विभाग ने मुर्दा घोषित कर दिया, उन्हें कोर्ट में खुद को जीवित साबित करना पड़ा और जीवित साबित होने के बाद विभाग ने न सिर्फ उनकी पेंशन दोबारा शुरू की, बल्कि जब से उन्हें मृत माना था उस अवधि का एरियर भी दिया। समाज कल्याण विभाग से वृद्धा पेंशन पाने वाले चक मुज्जमिल सैदाबाद के रामस्नेही और बिठौली धनुपुर के कल्लू को विभाग की जांच में लगभग ढाई साल पहले मृत मान लिया गया था। दोनों के खाते में पेंशन की राशि नहीं आई तो वो विभाग में पहुंचे। दस्तावेज देखे गए तो पाया गया कि पोर्टल पर दर्ज है कि अब वो इस दुनिया में नहीं रहे। खुद को मृत जानकर उनके तो होश ही उड़ गए। इसके बाद उन्होंने अपने दस्तावेज दिए लेकिन मानें कौन, ...
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