नई दिल्ली, अगस्त 13 -- शीर्ष अदालत ने बुधवार को नोएडा में पूर्व पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) और शीर्ष अदालत की हरित पीठ की मंजूरी के बगैर विकास परियोजनाओं पर रोक लगा दी है। जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने नोएडा प्राधिकरण के कामकाज में व्याप्त खामियों पर कड़ा रुख अपनाया। पीठ ने भूमि अधिग्रहण के बदले अत्यधिक मुआवजे देने के लिए अधिकारियों और भूस्वामियों के बीच सांठगांठ की जांच करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने इसके लिए 3 आईपीएस अधिकारियों की एक नए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया है। नई एसआईटी पुराने दल की जगह लेगी। पीठ ने यह आदेश मौजूदा विशेष जांच दल (एसआईटी) की उस रिपोर्ट पर विचार करते हुए दिया, जिसमें नोएडा प्राधिकारण के कामकाज में खामियों को उजागर किया है। कुल 31 मामलों में गड़बड़ी मिली : एसआईटी रिपोर्ट सुप्र...
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