नई दिल्ली, अगस्त 31 -- नए ऑनलाइन गेमिंग अधिनिमय को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा पूछे गए सवाल का केंद्र सरकार ने जवाब दिया है। केंद्र सरकार की ओर से जवाब देने के लिए आए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को बताया कि इस ऐक्ट को लागू करने में अब अदालतें आड़े नहीं आ सकती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक बार किसी कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाने के बाद उसके ऊपर न्यायिक प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। यह एक संवैधानिक काम है। नए ऑनलाइन गेमिंग ऐक्ट का बचाव करते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि संसद में पारित होने के बाद और राष्ट्रपति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद इसे रोकने की कोई गुंजाइश नहीं बचती है। इसके बाद जब अदालत ने पूछा कि क्या इस ऐक्ट को लेकर अधिसूचना जल्द ही जारी हो जाएगी? इसका जवाब देते हुए तुषार मेहता ने कहा कि ऐसा जल्दी ही हो सकता है। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.