नई दिल्ली, जनवरी 11 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। तीस हजारी कोर्ट ने वर्ष 2018 के आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान एक सेवानिवृत्त एएसआई की ओर से अलग-अलग तारीखों पर परस्पर विरोधी बयान दिए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एकता गौबा मान की अदालत ने कहा कि गवाह ने पहले खुद को वायरलेस ऑपरेटर न होने की बात कही, जबकि बाद में स्वीकार किया कि उसी ने 100 नंबर पर आई कॉल को आगे ट्रांसफर किया था। अदालत के अनुसार यह रवैया कार्यवाही में अनावश्यक देरी और समय की बर्बादी है। सेवानिवृत्त एएसआई श्योराज ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर अपने बयान को लेकर भ्रम की बात स्वीकार की और माफी मांगी। इस पर अदालत ने यह भी दर्ज किया कि जांच अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण स्थिति और जटिल हुई। जांच अधिकारी ने भी अपने आचरण के लिए मौखिक माफी दी।...
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