नई दिल्ली, फरवरी 28 -- दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से जुड़े अपने रिकॉर्ड अदालत को दिखाने के लिए तैयार है, लेकिन इसे सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता के समक्ष पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह दलील दी, जिसके बाद अदालत ने विश्वविद्यालय की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया जिसमें केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में प्रधानमंत्री की स्नातक डिग्री से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने को कहा गया था।"हमें कुछ छिपाने की जरूरत नहीं" मेहता ने अदालत में कहा, "DU को अदालत के समक्ष रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड को किसी अजनबी के निरीक्षण...
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